नूंह, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा के नूंह जिले के गुरनावत गांव में वक्फ बोर्ड ने 3.5 एकड़ जमीन को वक्फ संपत्ति बताते हुए नोटिस जारी किया है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं और इसे अपने पूर्वजों की जमीन बता रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में जबरन वक्फ ने गांव की जमीन पर कब्जा कर लिया था। वक्फ बोर्ड के नोटिस के खिलाफ ग्रामीणों ने जिला कोर्ट में याचिका दायर की है।
दरअसल, गांव में ईदगाह और कब्रिस्तान नहीं है। गांव में घनी बस्ती होने के चलते मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज अदा करने के लिए भी दूसरे गांव जाना पड़ता है। ग्रामीण वर्षों से गांव में कब्रिस्तान और ईदगाह की मांग करते रहे हैं। जब गांव की जमीन पर उन्होंने ईदगाह बनानी शुरू की, तो वक्फ बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए नोटिस दिया। वक्फ बोर्ड निर्माण कार्य को ध्वस्त करना चाहता है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक दिन पहले वक्फ बोर्ड द्वारा नोटिस दिया जाता है और इसके बाद कार्रवाई की चेतावनी बोर्ड की तानाशाही को दिखाती है।
गांव के सरपंच अरसद ने बताया कि गांव में कब्रिस्तान के लिए कोई जमीन उपलब्ध नहीं है, यह सच है। हम मांग करते हैं कि कब्रिस्तान के लिए जमीन आवंटित की जाए।
ग्रामीण जमील अहमद ने बताया कि उनके पूर्वजों ने 3.5 एकड़ जमीन ईदगाह और कब्रिस्तान के लिए रखी थी। जब हम लोगों के द्वारा इस पर ईदगाह बनाने की कोशिश हुई, तो वक्फ इसे ध्वस्त करने के लिए सामने आया है। हमारी मांग है कि यह जमीन वक्फ की नहीं, गांव की है और इस पर कब्रिस्तान और ईदगाह बननी चाहिए।
मोहम्मद अब्बास ने बताया कि वे ईदगाह बनाना चाहते थे, लेकिन जब बनाने लगे, तो वक्फ बोर्ड ने इस पर रोक लगा दी। इस जमीन को वक्फ अपनी बता रहा है। हम वक्फ के खिलाफ कोर्ट में आए हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/एकेजे
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